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अभिनव चौधरी की संक्षिप्त बायोग्राफी I

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अभिनव चौधरी की संक्षिप्त बायोग्राफी I 

आज उभरता जाबांज हमारे बीच से दुनिया को अलविदा कह गया I अपने कर्म क्षेत्र में तन्मयता और पूरी लगन से देश का लड़ाकू विमान Indian Air force का मिग-21 को आसमान में उड़ा रहे थे I इसी दौरान विमान   क्रैश हो गया और वो शहीद हो गए l

अभिनव चौधरी कौन थे ?

अभिनव चौधरी इंडियन एयर फोर्स के एक मिग-21 लड़ाकू विमान के जाबांज फाइटर पायलट थे I पल भर में, हैं से थे हो गए l ईश्वर के आगे हम सभी विवश हैं I कौन सा पल कब हमे खाक में मिला दे कोई नहीं जानता I
इनके व्यक्तित्व की बात करें तो इनकी शादी की चर्चा पूरे देश में रही  इनकी शादी और इनकी दिलेरी की चर्चा अब हम सभी के जेहन में सदैव अमिट छाप बन कर रह गई I जानते है, जब उन्हें विवाह में दहेज स्वरुप धनराशि  मिली तो उन्होंने सम्मान पूर्वक उस दहेज की रकम को लौटा दिया I उन्होंने शगुन के तौर पर सिर्फ एक रुपया लिया था I अभिनव की शादी 25 दिसंबर 2019 को हुई थी I 

जीवनी – शहीद लेफ्टिनेंट अभिनव सत्येंद्र चौधरी की संक्षिप्त जीवनी। 

पूरा नाम( Full Name) – अभिनव सत्येंद्र चौधरी 
जन्म स्थान- बागपत (पुसार गांव)
मृत्यु (Death) 20 मई 2021
पेशा (Profession)- Indiana Air force मिग-21 लड़ाकू विमान के पायलट .I

निजी जीवन 

कहते हैं ‘होनहार वीरवान के होत चिकने पात’ इनकी बचपन से ही वायुसेना में सेवा देने की प्रबल इच्छा  थी।इनका परिवार लम्बे समय से गांव पुसार से मेरठ के गंगासागर कोलोनी सी- 91में   रह रहा था। इनकी माताजी सत्य चौधरी हाउस वाइफ है I इनकी छोटी बहन जिनका नाम मुद्रिका चौधरी है I
इन्होने वायु सेना में भर्ती होने के लिए कड़ी मेहनत की। दिन रात एक कर 2014 में वह वायु सेना में भरती हो गये और उसके बाद कार्य भार ग्रहण कर पठानकोट एयरबेस में तैनात हो गये। इनकी शादी को हुए महज डेढ़ साल ही हुए थे I परंतु अभी इनकी कोई सन्तान नहीं हुई थी। 

निधन 

 इनका निधन गुरू वार देर रात (20 मई 2021) को तब हुई जब वह ट्रेनिंग के लिए फ़ाइटर प्लेन   राजस्थान के सूरत गढ़ एयर बेस से हवाई उड़ान भरे ।अभ्यास करते समय जब अभिनव इनायतपुरा से वापस उड़ान भर कर चले  I तभी  मोगा के गांव लंगेआना के पास उनका प्लेन दुर्घटना ग्रस्त हो गया। उस गांव से 500 मीटर की दूरी  पर प्लेन खेेत में गीरा। ग्रामीणों का नुकसान नहीं हुआ। लेेकिन जाबांज पायलट अभिनव दुनिया को अलविदा कह गये। उन्हें क्या पता की आज ही भर  इस खुबसूरत जिन्दगी से नाता है।
माता पिता को एक ऐसा जख्म जो पुुरी जिन्दगी आंसुओं के साथ…………..I माँ बाप अपने औलाद को कितने लाढ़ प्यार से पालते है ,इस मर्म को मां बाप ही समझते है …….I 
 पत्नी के लिए एक दर्द दे गए….ना कछु बोली ना कछु चाली फिर काहे मुख मोड़ गए राम I साजन मेरा छोड़ गया राम साजन मेरा ।
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धन्यवाद पाठकों 
संगृहीता – कृष्णावती कुमारी

 

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