Barbaad Lut Gaye Jubin Nautiyal Lyrics

Barbaad Lut Gaye Jubin Nautiyal Lyrics|सुपर-हिट इमोशनल सॉन्ग ‘बर्बाद”

 

Barbaad Lut Gaye Jubin Nautiyal Lyrics – जुबिन नौटियाल का  सुपर-हिट इमोशनल सॉन्ग ‘बर्बाद’ Lut Gaye के Complete Hindi Lyrics  यहाँ पाएं। गायक: Jubin Nautiyal (जुबिन नौटियाल का सबसे लोकप्रिय सैड सॉन्ग, जिसमें ‘बर्बाद’ शब्द आता है, वह है ‘लुट गए’। यहाँ ‘लुट गए’ के बोल दिए गए हैं)
गाना: Lut Gaye (लुट गए)

2. Barbaad

[मुखड़ा]

मैं मर के भी तुझको चाहूँगा,
मेरी जान-ए-जाँ…
कभी अलविदा ना कहना…

[कोरस]

हम हो गए बर्बाद, हम हो गए बर्बाद,
तुमसे मिलकर, तुमसे मिलकर।
मेरी बर्बादी का, ग़म नहीं है कोई…
बस तेरा साथ, हर पल रहे मेरे।
[अंतरा 1]
बस इक तुम्हें देखने को तरसती है आँखें,
मेरा भी है जीना क्या, अगर तू नहीं है।
ये इश्क़ की कहानी, मैं कैसे सुनाऊँ,
हर लफ्ज़ में बस तू है, तू है…
और तेरा ही नाम है।

[कोरस]

हम हो गए बर्बाद, हम हो गए बर्बाद,
तुमसे मिलकर, तुमसे मिलकर।
मेरी बर्बादी का, ग़म नहीं है कोई…
बस तेरा साथ, हर पल रहे मेरे।

 

1. जुबिन नौटियाल (Jubin Nautiyal) की जीवनी

 

​जुबिन नौटियाल भारतीय संगीत उद्योग के एक बेहद लोकप्रिय गायक हैं, जिन्होंने अपनी सुरीली आवाज़ से दर्शकों के दिलों में जगह बनाई है।
​👶 प्रारंभिक जीवन
​जन्म: 14 जून 1989
​जन्मस्थान: देहरादून, उत्तराखंड
​परिवार: उनके पिता, राम शरण नौटियाल, एक प्रसिद्ध व्यवसायी और राजनीतिज्ञ हैं, और उनकी माँ, नीना नौटियाल, भी एक व्यवसायी हैं।
​संगीत की शुरुआत: जुबिन ने बहुत कम उम्र में संगीत सीखना शुरू कर दिया था। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा देहरादून से पूरी की और फिर संगीत की औपचारिक शिक्षा के लिए मुंबई चले गए। उन्होंने चेन्नई के म्यूजिक अकादमी में संगीत प्रशिक्षण लिया।

​🌟 करियर की शुरुआत और सफलता

​डेब्यू: जुबिन ने 2014 में फिल्म ‘सोनाली केबल’ के गीत “एक मुलाकात” से बॉलीवुड में डेब्यू किया।
​पहला बड़ा ब्रेक: उन्हें 2015 में फिल्म ‘बजरंगी भाईजान’ के गीत “ज़िंदगी कुछ तो बता” के रीप्राइज वर्ज़न से बड़ी पहचान मिली।
​चुनौतियाँ: करियर की शुरुआत में उन्होंने text{X} फ़ैक्टर इंडिया (2011) जैसे रियलिटी शो में भाग लिया, लेकिन उन्हें शीर्ष पर सफलता नहीं मिली, जिसने उन्हें और ज़्यादा मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।
​पहचान: उनकी आवाज़ की खास बात यह है कि वह इमोशनल (दर्द भरे) और रोमांटिक गानों को बहुत बेहतरीन तरीके से गाते हैं। उनके कई गाने {Superhit} रहे हैं, खासकर (text{T-Series} के म्यूज़िक वीडियोज़ में।

प्रसिद्ध गीत (प्रमुख {Hits}) गाना फिल्म/एल्बम

1.लुट गए एल्बम
2.राता लम्बियाँ शेरशाह
३.तुम ही आना मरजावां
4.तुझे कितना चाहें और कबीर सिंह
5.काबील हूँ काबिल
6.दिल गलती कर बैठा है एल्बम

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मनोज मुंतशिर (Manoj Muntashir) की जीवनी

​मनोज मुंतशिर भारतीय सिनेमा के एक बहुत प्रसिद्ध गीतकार (text{Lyricist}), कवि, और पटकथा लेखक (text{Screenwriter}) हैं। उन्हें उनके गहरे और भावनात्मक हिंदी-उर्दू गीतों के लिए जाना जाता है।

🌟 प्रारंभिक जीवन और नाम
​मूल नाम: मनोज शुक्ला
​जन्म: 27 फरवरी 1976
​जन्मस्थान: गौरीगंज, अमेठी, उत्तर प्रदेश
शिक्षा: उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अमेठी से पूरी की और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक (text{Graduate}) की उपाधि प्राप्त की।
​’मुंतशिर’ उपनाम: ‘मुंतशिर’ का मतलब होता है ‘बिखरा हुआ’ (text{Scattered})। उन्होंने यह उपनाम तब अपनाया जब वे मुंबई में संघर्ष कर रहे थे और खुद को ‘बिखरा हुआ’ महसूस करते थे, यह नाम उनके साहित्यिक पहचान का एक अभिन्न अंग बन गया है।

​🎬 करियर की शुरुआत और संघर्ष

मुंबई आगमन: 1999 में, वह महज़ ₹700 लेकर अपने सपने पूरे करने के लिए मुंबई आए। उन्होंने शुरू में संघर्ष किया और बहुत कम पैसे में धार्मिक गीतों (text{Bhajans}) के लिए लिखना शुरू किया।
​टीवी से पहचान: उन्होंने (text{Sony TV} के लोकप्रिय कॉमेडी शो ‘ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज’ और अन्य टीवी शो के लिए लेखन किया, जिससे उन्हें प्रारंभिक पहचान मिली।
पहला बड़ा ब्रेक: उन्हें 2014 में फिल्म ‘एक विलेन’ के गाने “गलियाँ” (text{Galliyan}) के लिए बड़ा ब्रेक मिला, जो तुरंत हिट हो गया।

​🎶 प्रमुख सफलता और लेखन शैली
​मनोज मुंतशिर को उनकी हिंदी और उर्दू भाषा पर मज़बूत पकड़ के लिए जाना जाता है। उनके गीत सरल लेकिन गहरी भावना वाले होते हैं।
​’लुट गए’ (text{Lut Gaye}): जुबिन नौटियाल का यह गाना उनकी सबसे बड़ी सफलताओं में से एक है, जिसमें उन्होंने प्यार में बर्बाद होने के दर्द को खूबसूरती से पिरोया है।
​राष्ट्रीय पुरस्कार: उन्हें फिल्म ‘साइना’ के लिए “परिंदा” गाने के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
अन्य प्रसिद्ध गीत:
​तेरी मिट्टी (text{Kesari} – यह उनका सबसे प्रशंसित और {Award-Winning} गीत है)
​कौन तुझे {M.S. Dhoni: The Untold Story})
​मेरे रश्के क़मर (text{Baadshaho} – रीक्रिएटेड वर्ज़न)
​गलियाँ {Ek Villain})
​बाहूबली फिल्मों के हिंदी डबिंग के डायलॉग्स भी उन्होंने ही लिखे हैं।

📚 अन्य कार्य
​वह सिर्फ़ गीतकार नहीं हैं, बल्कि एक सफल लेखक भी हैं।
​उनकी प्रसिद्ध पुस्तक ‘मेरी फ़ितरत है मस्ताना’ (text{Meri Fitrat Hai Mastana}) उनकी कविताओं और क़िस्सों का संग्रह है।
​उन्होंने अपनी लेखनी के माध्यम से भारतीय संस्कृति, देशभक्ति और प्रेम को आधुनिक संगीत में एक महत्वपूर्ण स्थान दिया है।
​मनोज मुंतशिर ने अपने संघर्ष, कविता के प्रति अपने समर्पण और अपनी सरल, लेकिन शक्तिशाली लेखन शैली के दम पर बॉलीवुड में एक विशिष्ट स्थान बनाया है।

संग्रहिता- कृष्णावती कुमारी अध्यापिका (KVS)

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