“जरा तनिक सोचों मेरे यारों हालत अगर अब सा होता | हिंदू मुश्लिम और सिख ईसाई, सबकी सोच अलग होती, तो खाक आज़ादी का जश्न , हम सबके आँगन में होता I जो जान गंवाए हैं वो, अपने ही थे, कोई गैर नहीं ! किसी के भैया, किसी के भाईजान, किसी के पिता किसी […] Read Post »