Maithili Thakur Biography Success|मैथिली ठाकुर की अद्भुत कहानी
Maithili Thakur Biography Success-मैथिली ठाकुर की जीवनी और सफलता की कहानी हिंदी में पढ़ें। जानें उनके प्रारंभिक जीवन, गायन करियर और राष्ट्रीय पुरस्कारों के बारे में। Maithili Thakur की कामयाबी का राज!
बेवकूफ बिहारी” से लेकर सबसे कम उम्र की विधायक तक
कभी स्कूल में मज़ाक उड़ाया जाता था…
कभी रियलिटी शोज़ से रिजेक्शन मिलता था…
और पड़ोसियों की शिकायतों की वजह से 10 साल में 17 बार घर बदलना पड़ा…
लेकिन आज—
25 साल की उम्र में बिहार के अलीनगर की सबसे युवा विधायक बनकर मैथिली ठाकुर ने इतिहास रच दिया है।
अलीनगर सीट से बीजेपी उम्मीदवार बनकर न सिर्फ जीत दर्ज की, बल्कि 17 साल बाद फिर से इस सीट पर पार्टी का झंडा लहराया।
रियलिटी शोज़ का सफर—आँसू, रिजेक्शन और हिम्मत
मैथिली बताती हैं—
“मैं बहुत रोती थी… ‘सा रे गा मा पा लिटिल चैंप्स’ में क्लासिकल झुकाव के कारण रिजेक्ट कर दिया गया था।”
फिर इंडियन आइडल…
फिर से रिजेक्शन।
इतना दर्द हुआ कि एक समय तो उन्होंने सोचा—
“गाना छोड़ दूँ और UPSC की तैयारी करूँ।”
लेकिन पापा ने हिम्मत दी—“क्लासिकल मत छोड़ो।”
और वो पीछे नहीं हटीं।
स्कूल में अकेलापन और ताने
मुफ़्त में एडमिशन मिला, लेकिन अमीर बच्चों के बीच माहौल अलग था।
कहती हैं—
“मैं अपनी उम्र की लड़कियों से डरती थी… वे मुझे ‘बेवकूफ बिहारी’ कहकर चिढ़ाती थीं।”
सोचिए, एक बच्ची जिसने सिर्फ सीखने का सपना देखा था, उसे रोज़ ऐसे ताने झेलने पड़े…
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🏠 17 घर बदले—सिर्फ इसलिए कि बच्चे रियाज़ करते थे
मैथिली की माँ बताती हैं—
“हमने 10 सालों में 17 घर बदले। पड़ोसी रियाज़ की शिकायत कर देते थे, हम निकल जाते थे… बस बच्चों का संगीत नहीं रुकना चाहिए था।”
बच्चे शरारती नहीं थे, बस मेहनती थे।
आख़िरकार 2017 में दिल्ली में अपना घर लिया और बाद में साउंडप्रूफ अपार्टमेंट भी बनाया।
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⭐ और आज…?
वही लड़की—
जिसे लोग ताने मारते थे,
जिसे शोज़ रिजेक्ट करते रहे,
जिसका परिवार घर-घर भटकता रहा—
आज बिहार विधानसभा की सबसे कम उम्र की चुनी हुई विधायक है।
और लाखों लोगों की प्रेरणा भी।
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1. प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
* जन्म: 25 जुलाई 2000 को बिहार के मधुबनी जिले के बेनीपट्टी में।
* परिवार और संगीत: वह एक संगीत परिवार से आती हैं। उनके दादा एक लोक संगीतकार थे और उनके पिता रमेश ठाकुर भी एक संगीत शिक्षक हैं।
* संगीत की शिक्षा: उन्होंने बहुत कम उम्र में ही अपने पिता से संगीत सीखना शुरू कर दिया था। बाद में, बेहतर संगीत प्रशिक्षण के लिए, उनका परिवार दिल्ली चला गया।
* शैली: वह शुद्ध शास्त्रीय संगीत (Pure Classical Music) और पारंपरिक लोक संगीत की मजबूत नींव पर टिकी हुई हैं।
2. करियर की शुरुआत और कामयाबी
मैथिली की कामयाबी की शुरुआत मुख्य रूप से दो प्रमुख चरणों में हुई:
A. रियलिटी शो के माध्यम से पहचान
* 2015 में, उन्होंने हिंदी सिंगिंग रियलिटी शो “राइजिंग स्टार (Rising Star)” के पहले सीज़न में भाग लिया।
* वह इस शो में द्वितीय रनर-अप रहीं, लेकिन अपनी गायन प्रतिभा के कारण उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। उनकी गायकी को जजों और दर्शकों ने खूब सराहा।
B. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सफलता
* रियालिटी शो के बाद, मैथिली ने अपने भाई-बहनों के साथ मिलकर विभिन्न सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म, जैसे YouTube और Facebook, पर पारंपरिक लोक गीतों और बॉलीवुड गानों के अकॉस्टिक कवर (Acoustic Covers) अपलोड करना शुरू किया।
* उनके मैथिली लोक गीतों और भजन को जबरदस्त लोकप्रियता मिली। उनकी सादगी, शुद्ध आवाज़ और पारंपरिक अंदाज़ ने उन्हें लाखों सब्सक्राइबर्स और फॉलोअर्स दिलाए।
C. प्रमुख उपलब्धियां
* स्वच्छ भारत मिशन ब्रांड एंबेसडर: 2018 में, चुनाव आयोग (Election Commission) द्वारा उन्हें मधुबनी जिले के लिए स्वच्छ भारत मिशन और बाद में बिहार राज्य के लिए ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया।
* राष्ट्रीय बाल पुरस्कार: उन्हें भारत सरकार द्वारा 2021 में कला और संस्कृति के क्षेत्र में राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (Rashtriya Bal Puraskar) से सम्मानित किया गया, जो 18 वर्ष से कम आयु के असाधारण बच्चों को दिया जाता है।
* स्वतंत्र कलाकार (Independent Artist): मैथिली ने बॉलीवुड पार्श्वगायन (Playback Singing) में सक्रिय रूप से शामिल होने के बजाय एक स्वतंत्र कलाकार के रूप में अपनी पहचान बनाई है और लोक संगीत के प्रचार पर ध्यान केंद्रित किया है।
मैथिली ठाकुर अपनी आवाज़ की शुद्धता और भारतीय लोक संस्कृति को आगे बढ़ाने के समर्पण के लिए जानी जाती हैं।
मैथिली ठाकुर द्वारा गाए गए कुछ सबसे लोकप्रिय लोकगीत (Folk Songs) या भजन निम्नलिखित हैं।
* जय जय भैरवि असुर भयाउनि (मैथिली भजन)
* राम सिया राम (भजन)
* कजरी (लोकगीत)
* पाँचों तत्व मिल (कबीर भजन)
* गोविंद दामोदर माधवेति (भजन)
इस पोस्ट को टीवी interview और इन्टरनेट के माध्यम से एकत्रित किया गया है |
द्वारा – कृष्णावती कुमारी अध्यापिका (KVS)

