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CDS Bipin Rawat Ka Helicopter Crash Mein Nidhan

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CDS Bipin Rawat Ka Helicopter Crash Mein Nidhan

CDS Bipin Rawat Ka Helicopter Crash Mein Nidhan- ऐसे तो यह हेलीकाप्टर क्रैश और विमान हादसा कोई पहली घटना नहीं है |संजय गांधी ,माधव राव सिंधिया से लेकर लोक सभा स्पीकर और 2मुख्यमंत्रियों तक की जान जा चुकी है इस हवाई यान से|

आज दिनांक 8 दिसंबर 2021 को CDS बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका समेत 13 लोगों की तामिलनाडु के कुन्नूर के नजदीक IAF का MI-17V5 हेलिकॉप्टर क्रैश होने से निधन हो गया | अनुमान है कि खराब मौसम के कारण बादलों में विजिबिलिटी कम होने की वजह से हेलोकॉप्टर को कम ऊंचाई पर उड़ान भरनी पड़ी |

लैंडिंग पॉइंट से दूरी कम होने के कारण हेलिकॉप्टर काफी नीचे था |नीचे घने जंगल थे |इसीलिए क्रैश लैंडिंग भी फेल हो गयी |हेलिकॉप्टर में सवार सभी अधिकारियों में एक कैप्टन वरुण सिंह देवरियाँ जनपद के रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के कंहौली गाँव लाल आज हमाँरे बीच मात्र जीवित बचे हैं | जब कि बिपिन रवात उनकी पत्नी और 11अन्य सैनिकों की मौत हो गई |

इस हादसे ने उन सभी घटनाओं को एक बार फिर तरो ताजा कर दिया ,जिनमें उन बड़ी हस्तियों को अपनी जान गवानी पड़ी |भारतीय राजनेता वाई एस राजशेखर रेड्डी ,संजय गांधी ,माधव राव सिंधिया ,जीएमसी बाल योगी ,एस मोहन कुमार मंगलम ,ओपी जिंदल,अरुणाचल प्रदेश के चीफ मिनिस्टर दोरजी खांडू जैसे दिग्गज हवाई यान के शिकार हो गए |

आइये एक नजर उन हादसो की ओर डालते है  …………

  1. लेफ्टिनेंट दौलत सिंह के साथ 23 नवम्बर 1963 को जंबू कश्मीर के पुंछ में भारतीय वायु सेना का विमान क्रैश हुआ जिनमें 6 अधिकारियों की जान चली गई थी |जान गवाने वालों में लेफ्टिनेंट जनरल बिक्रम सिंह और एयर वाइस मार्शल एरलीक पिन्टों भी शामिल थे |
  2. 31 मई 1973 को कांग्रेस लीडर मोहन कुमार मंगलम की मौत हवाई यान क्रैश में ही हुई |वे भारतीय एयरलाइंस 440नाम के विमान पर सवार थे |उनके मृत शरीर को उनके पार्कर पेन से पहचाना गया |
  3. 23 जून 1980 संजय गांधी की मौत्न भी हवाई यान हादसे से ही हुई |उनकी मौत नई दिल्ली स्थित सफदरजंग हवाई अड्डा के करीब हुई थी |चौकने वाली बात यह थी की वे कही सफर पर नहीं निकले थे |बल्कि वे अपना प्राइवेट प्लेन खुद उड़ा रहे थे |वे बहुत अच्छे पाइलट थे |घटना के बाद पता चला की वे प्लेन से किसी खतरनाक करतब को अंजाम दे रहे थे |
  4. साल 2011 में  अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री दोरजी खांडू की हेलिकॉप्टर हादसे में मौत हो गई थी |उनका शव कई दिनों तक लापता रहा था | साल 2001 में अरुणाचल प्रदेश के एजुकेशन मिनिस्टर नटुंग की हेलिकॉप्टर क्रैश में ही मौत हुई थी |
  5. 30 सितम्बर 2001 को उत्तर प्रदेश के मैंनपूरी जनपद में कौंग्रेस नेता माधव राव सिंधिया’ की मौत भी हवाई यान हादसा में हीं हुई थी |वे अपने 10 सीटर निजी विमान में सवार थे |उसमें चार पत्रकार भी शामिल थे |यह घटना भी खराब मौसम के कारण हुई थी |भारी बरसात के कारण हवाई यान क्रैश होकर मोटा गाँव में धान के खेत में गिर गया था |
  6. 3मार्च 2002 को लोकसभा स्पीकर टेलगु देशम पार्टी लीडर जीएमसी बाल योगी भी आंध्र प्रदेश में हेलिकॉप्टर क्रैश में ही मारे गए |बाल योगी बेल 206 नाम के हेलिकॉप्टर में सवार थे |घटना की वजह खराब मौसम हीं था |गलती से पाइलट ने हेलिकॉप्टर को एक तालाब के ऊपर उतार दिया था |
  7. 2004 में केंद्रीय मंत्री और मेघालय के कम्यूनिटी डेवलपमेंट मिनिस्टर सी संगमा की भी मौत की वजह  हवाई यान हादसा में हीं हुई |पवन हंस नाम के हेलिकॉप्टर पर सवार होकर संगमा गुवाहाटी से शिलोंग की तरफ जा रहे थे |
  8. 31मार्च 2005 को हरियाणा के पावर मिनिस्टर ओपी जिंदल की मौत भी प्लेन क्रैश में हीं हुई थी |जांच में पता चला की तकनीकी खराबी से प्लेन उतरप्रदेश के सहारनपुर में क्रैश हो गया था |
  9. 3सितंबर 2009 को आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री वाईएस राज शेखर रेड्डी जिस हेलिकॉप्टर में सवार थे ,वह चितुर जनपद के जंगल में क्रैश हो गया था |यह अमेरिकन टेक्नोलोजी पर आधारित डबल इंजन वाला बेल 430 चॉपर था |वाईएसआर का शव 27 घंटे बाद मिला था |
  10. माना जाता है की बड़ी हस्तियों में जान गवाने वाले पहले नेता सुभाष चंद्र बोस थे |जिनका प्लेन 18 अगस्त 1945 को क्रैश हुआ था |लेकिन उनकी मौत को लेकर आज भी संदेह बरकरार है |
  11. यह भी पढे :

जेनरल बिपिन रावत की संक्षिप्त जीवन परिचय 

देश के पहले चीफ डिफेंस स्टाफ (CDS)  जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका के निधन के बाद उनके परिवार में उनकी दोनों बेटियां बची है |पल भर में दोनों बेटियाँ आनाथ हो गयी |जनरल रावत की बड़ी बेटी का नाम कीर्तिका है |कीर्तिका की शादी हो चुकी है |वह फिलहाल मुबाई में रहती हैं |छोटी बेटी का नाम तारिणी है जो दिल्ली हाईकोर्ट में वकील के तौर पर प्रैक्टिस कर रही हैं | 

देहरादून में बना रहे थे आशियाना, रह गया सपना अधूरा 

बिपिन रावत अपने पैतृक प्रदेश को बहुत प्यार करते थे |प्यार की ही तो निशानी है, कि अपने रिटायरमेंट के बाद बड़े शहरो में ना रहकर देहारादून में बसने की तैयारी कर रखी थी, जहां उनका पूरा बच्चपन बीता था |इसके लिए उन्होंने एक महीने पहले हीं प्रेमनगर के पास जंगलों के बीच खूबसूरत वादियों में अपना आशियाना बनवाना भी शुरू कर दिया था |फिलहाल इस मकान की नीव भूकंप रोधी तकनीक से तैयार की जा रही थी |

बिपिन रावत की शिक्षा 

जनरल रावत की स्कूली शिक्षा देहरादून में ही कैनबरिन हाल स्कूल में और फिर शिमला के सेंट एडवर्ड स्कूल में पूरी हुई थी |इसके बाद एक बार फिर वो देहरादून पहुंचे ,जहां उनका चयन भारतीय सैन्य अकादमी (IMA)में हुआ |यहाँ उन्हों ने अपने बैच में टॉप किया |जिसके लिए उन्हें ‘सोर्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया |

प्रश्न  और उत्तर
  • प्रश्न – CDS जनरल बिपिन रावत का जन्म कब हुआ था ?

उत्तर- CDS बिपिन रावत का जन्म सन 16 मार्च  1958 में हुआ था |

  • प्रश्न- CDS बिपिन रावत की महत्वपूर्ण दो बड़े उपलाधियों के नाम बताएं |

उत्तर – CDS बिपिन रावत की दो बड़ी उपलब्धियां -1. 28और 29सितंबर की दरमियानी रात pok मे सर्जिकल स्ट्राइक 2. 9जून 2015 कॉ  म्यांमार में घुसकर हमला |

  • प्रश्न -CDS बिपिन रावत की मृत्यु कब हुई ?

उत्तर -CDS बिपिन रावत की मृत्यु की मृत्यु 8दिसंबर 2021 दिन बुदवार समय 12:20PM हेलिकॉप्टर क्रैश हो जाने से तामिलनाडु के कुन्नूर में अपनी पत्नी मधुलिका और अन्य 11 सैन्य अधिकारियों के साथ हुई | 

यह भी पढ़ें:

1. प्रधान मंत्री के नाम किसानों कि चिट्ठी

2.Abhinav CHaudhuri biography

धन्यवाद

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