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Mirzapurpur Kajari Lyrics Hindi मिर्जापुर की फेमस कजरी

Mirzapurpur Kajari Lyrics Hindi|मिर्जापुर की फेमस कजरी,भोजपुरी कजरी,

Mirzapurpur Kajari Lyrics Hindi – सावन में भले ही बनारसी घराना,अवधि,भोजपुरी, मैथिली भाषा में कजरी क्यों न गाई जाय|परंतु  मिर्जापुर की कजरी के मिठास के बिना कजरी गायन अधूरा होता है |बिना देरी किए आइये निम्नवत मिर्जापुर की कजरी का लिखित में लुत्फ उठाया जाय-:

1.पिया महदी ले आ द मोतीझील से |Mirzapurpur Kajari Lyrics Hindi

मुखड़ा -पिया मेहदी मांगा द मोतीझील से जाके साइकिल से ना

पिया मेहदी मांगा द मोतीझील से जाके साइकिल से ना|

 

अंतरा- जाके मेहदी ले आद छोटी ननदी से पीसाद

जाके मेहदी ले आ द छोटी ननदी से पिसाद

हमके मेहदी लगाद कांटा कील से, जाके साइकिल से ना

पिया मेहदी ले आद मोतीझील से जाके साइकिल से ना |

 

इह सावनी बाहार मान बतिया हमार

इह सावनी बाहार मान बतिया हामार

कावनो फायदा ना होई दलील से

जाके साइकिल से ना

पिया मेहदी मांगा द मोतीझील से

जाके साइकिल से ना |…….

 

पकड़ लेई बागवान चाहें होई तोर चालान

पकड़ लेई बागवान चाहें होई तोर चालान

हम छोड़ा ले आइब तोहके वकील से

जाके साइकिल से ना

पिया मेहदी मंगा द मोतीझील से

जाके साइकिल से ना …………

2.राधे बिना लगे ना मोरा जिया|Mirzapurpur Kajari Lyrics Hindi

मुखड़ा –

घिर आई है काली बदरिया राधे बिना लगे न मोरा जिया

घिर आई है काली बदरिया राधे बिना लागे ना मोरा जिया 

अंतरा

छिन यमुना तट छिन कुंजन में 

छिन यमुना तट छिन कुंजन में 

बिरह व्यथा से तड़पत मनवा 

घिर आई है कारी बदरिया 

राधे बिना लगे न मोरा जिया 

 

पल दिन  छिन लागे वरष समान अब 

पल छिन दिन लागे वरष समान अब

कौन लावे अब प्यार के संदेशवा

राधे बिना लगे नाही मोरा मोरा जिया

घिर आई है कारी बदरिया

राधे बिना लागे ना मोरा जिया

इस कजरी को सुनने के लिए यहा क्लिक करें विडियो पर

 

यह भी पढ़ें :

 

 

3.बैजु धाम अबकी हमके करा द पिया(कजरी शिव  भजन) |Mirzapurpur Kajari Lyrics Hindi

मुखड़ा- अबकी बैजु धाम हमके करा द पिया लालसा पूरा द पिया ना

अबकी बैजु धाम हमके करा द पिया लालसा पूरा द पिया ना

 

अंतरा- पहिरब गेरुवा रंग साड़ी बोलब बोल बम के बानी

पहिरब गेरुवा रंग साड़ी बोलब बोल बम के बानी

कान्हें कांवर एगो हमके दिलाद पिया लालसा पूरा द पिया ना

अबकी बैजु धाम हमके करा द पिया लालसा पूरा द पिया ना |

 

लेहब गंगाजी से जल जाइब हमहू पैदल

लेहब गंगाजी से जल जाइब हमहू पैदल

सबसे पहिले पहुंची आसन हमार पिया लालसा पूरा द पिया ना

अबकी बैजु धाम हमके करा द पिया लालसा पूरा द पिया ना ||

 

सघें सखिया सहेली कान्हें कांवर के झोली

संघे सखिया सहेली कांहें कांवर के झोली|

करत ॐ नमः शिवाय के जाप पिया लालसा पूरा द पिया

अबकी बैजु धाम हमके करा द पिया लालसा पूरा द पिया ना ||

रचना- कृष्णावाती कुमारी ,(कार्यरत In KVS)

 

4.नन्ही-नन्ही बुँदिया रे |Mirzapurpur Kajari Lyrics Hindi

मुखड़ा – नन्ही नन्ही बुँदिया रे सावन का मारा झूलना

नन्ही नन्ही बुँदिया रे सावन का मारा झूलना

 

अंतरा-  एक झूला डाला मैंने बाबा जी के  राज में

एक झूला डाला मैंने बाबाजी के राज में

एक झूला डाला मैंने अम्मा जी के राज में

अरे अम्मा जी के राज में अरे अम्मा जी के राज में

हरी हरी बगिया रे सावन का मारा झूलना

नन्ही नन्ही बुँदिया रे सावन का मारा झूलना …..

 

एक झूला डाला हमने भैया जी के राज में

अरे भाभी जी के राज में sssssssss

एक झूला डाला हमने भैया जी के राज में

अरे भाभी जी के राज में sssssssss

हरी हरी मेंहदी रे सावन का मारा झूलना

नन्ही नन्ही बुँदिया रे सावन का मारा झूलना …..

 

एक झूला डाला हमने सैयाजी के राज में

अरे बलमा जी के राज में ssssssssssss

एक झूला डाला हमने सैयाजी के राज में

अरे बलमा जी के राज में sssssssssss……

बड़ी बड़ी पेंगे रे सावन का मारा झूलना

नन्ही नन्ही बुँदिया रे सावन का मारा झूलना …..

नोट -इस कजरी को सुनने के लिए यहाँ ब्लूरंग पर क्लिक करें

 

FAQ:

Q-कजरी कहाँ की प्रसिद्ध है ?

ANS-कजरी बनारस और मिर्जापुर की अधिक प्रशिद्ध है |खासकर बनारस घारने की कजरी अर्ध शास्त्रीय संगीत में अपनी विशेष पहचान बनाई है |

Q-कजरी भजन क्या है ?

ANS-कजरी चुकि वर्षा ऋतु का प्रचलित लोक गीत है और सावन महिना महादेव जी को विशेष रूप से समर्पित है |इस महिना में कुंवारी और विवाहित स्त्रियाँ महादेव जी की पूजा अर्चना करती हैं |ताकि घर में सुख समृद्धि हो सुहाग बना रहे | कुंवारी लड़कियों को उनके योग्य वर मिले और सुख समृद्धि से जीवन यापन कर सकें | इस महीने में कजरी भजन में कृष्ण और महादेव जी का वर्णन मिलता है | जिसे कजरी भजन भी कहा जाता है |

Q- सावन में शिवलिंग पर जल कब चढ़ेगा?

ANS-इस बार अधिक मास के चलते चतुर्दशी तिथि 15 जुलाई रात्रि 8:32 पर शुरू होकर 16 जुलाई 2023 रात 10:08 तक रहेगी| इस तरह भक्तों को दो दिन जल चढ़ने का अवसर मिल रहा है |

 

 

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