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Ram Pranpratishtha Lyrics Hindi राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का पूरा शेड्यूल

Ram Pranpratishtha Lyrics Hindi राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का पूरा शेड्यूल15-22 जनवरी तक का कार्यकर्म 

Table of Contents

Ram Pranpratishtha Lyrics Hindi – मोदी जी के राज में (500 Hundred Year)  पाँच सौ साल का इंतजार खतम हो गया |”मंदिर वही बनाएगे डेट नहीं बताएँगे” आज समय भी है, संयोग भी है और तारीख भी निश्चित हो गई |इस पोस्ट में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का सम्पूर्ण रूप रेखा के विषय में  विस्तार से जानेंगे | किस दिन से सारे कार्यक्रम होंगे |

  • 15 जनवरी 2024 – इस दिन मकर संक्रांति यानि खरमास की समाप्ति हो रही है |इस दिन राम लल्ला के बाल्य रूप को मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा |
  • 16 जनवरी 2024 – इस दिन से राम लाला के विग्रह के अधिवास (निवास) का अनुष्ठान प्रारभ हो जाएगा |
  • 17 जनवरी 2024इस दिन राम लल्ला के प्रतिमा को पूरे नगर में भ्रमण करवाया जाएगा |
  • 18 जनवरी 2024 – इस दिन से प्राण प्रतिष्ठा की विधि आरंभ होगी | मंडप प्रवेश पूजन।,वस्तु पूजन, वरुण पूजन ,,विघ्न्हर्ता गणेश पूजन और मार्तिका पूजन किया जाएगा |
  • 19 जनवरी 2024 को – इस दिन राम मंदिर अग्नि कुंड की स्थापना की जाएगी,जो खास विधि द्वारा अग्नि का प्रज्वलन होगा |
  • 20 जनवरी 2024 –  राम मंदिर के गर्भगृह को पवित्र करने के लिए 81 कलश जिसमें अलग-अलग नदियों का जल होगा |इस जल से पवित्र कर वास्तु शान्ति अनुष्ठान होगा |
  • 21जनवरी 2024 – इस दिन दिन विशेष पूजन विधि के साथ 125 कलश के जल से राम लल्ला का दिव्य स्नान होगा |

22 जनवरी 2024 –  आज का दिन सबसे खास है |इस दिन हमारे राम लल्ला की प्राण-प्रतिष्ठा होगी|मध्य-काल,अभिजीत मुहूर्त  मृगशिरा नक्षत्र में महापूजा के साथ प्राण-प्रतिष्ठा का कार्य क्रम सम्पन्न होगा |जय श्रीराम  

 Ram Pranpratishtha Bhajan|राम प्राण प्रतिष्ठा भजन 

मुखड़ा –

 है प्राण प्रतिष्ठा रघुवर की,दुल्हन सी सजी है अवध नागरी |
कंचन घट से सब द्वार सजे ,सिया राम नाम की धूम मची |
जय जय सिया रामा जय जय सिया राम
जय जय सिया राम जय जय सिया राम

अंतरा –

आओ सब मिली मंगल गाओ,प्रभु राम नाम का रस पाओ
हो जाए सफल जीवन सागरी सिया राम नाम की धूम मची

है प्राण प्रतिष्ठा रघुवर की,दुल्हन सी सजी है अवध नागरी |
कंचन घट से सब द्वार सजे ,सिया राम नाम की धूम मची |
जय जय सिया रामा जय जय सिया राम
जय जय सिया राम जय जय सिया राम |

जहाँ देव गगन से हर्षित हैं ,पुष्पों की बारिस अर्पित है |
वसुधा हुई धन्य अवध नागरी सिया राम नाम की लूट मची |

है प्राण प्रतिष्ठा रघुवर की,दुल्हन सी सजी है अवध नागरी |
कंचन घट से सब द्वार सजे ,सिया राम नाम की धूम मची |
जय जय सिया रामा जय जय सिया राम
जय जय सिया राम जय जय सिया राम |

नोट-इस गीत को सुनने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें, प्राणप्रतिष्ठा भजन 

 प्राण-प्रतिष्ठा  भजन  राम लल्ला का  

 मुखड़ा-

रघुपति राघव राजा राम ,पतित तपावन सीता राम
रघुपति राघव राजा राम ,पतित तपावन सीता राम
सारे डगर में फूल विछा दों सारे नगर में फूल विछा दों
आएंगे श्री राम अयोध्या नागरी उत्तम धाम
अयोध्या नागरी उत्तम धाम अयोध्या नागरी उत्तम धाम |

अंतरा –

पौष मास है तिथि द्वादशी दिन पड़ा सोमवार
प्राण -प्रतिष्ठा होगी प्रभु की होगी जयजयकार
अभिजीत मुहूर्त मृगशिरा है नक्षत्र महान -2
अयोध्या नागरी उत्तम धाम
अयोध्या नागरी उत्तम धाम, अयोध्या नागरी उत्तम धाम

सारे डगर में फूल विछा दों सारे नगर में फूल विछा दों
आएंगे श्री राम अयोध्या नागरी उत्तम धाम
अयोध्या नागरी उत्तम धाम अयोध्या नागरी उत्तम धाम

कई अहिल्या रह तकत है चरण धुली मिल जाए
कई शवरी नित डगर बहारे मिलन की आस लगाए |
रामा रामा रटते रटते 2 जपत प्रभू का नाम
अयोध्या नागरी उत्तम धाम
अयोध्या नागरी उत्तम धाम अयोध्या नागरी उत्तम धाम

सारे डगर में फूल विछा दों सारे नगर में फूल विछा दों
आएंगे श्री राम अयोध्या नागरी उत्तम धाम
अयोध्या नागरी उत्तम धाम अयोध्या नागरी उत्तम धाम

इस भजन को सुनने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें राम लल्ला भजन

यह भी पढ़ें 

FAQ

Q-प्राण प्रतिष्ठा मंत्र क्या है ?

ANS-प्राण प्रतिष्ठा- मंत्र ॐ ब्रम्हा विष्णु महेश्वरा: ऋषिभ्यो नम: शिरसि | रिग्यजु: सामच्छ्न्देभ्यो नम: मुखे |प्राणशक्त्यै नम: हृदये | ऐ बीजय नम: लिंगे |

Q-नई मूर्ति की पूजा कैसे करें ?

ANS- जिस भगवान की पुरानी मूर्ति होती है| उस मूर्ति से प्रार्थना करते हैं कि अब आप नई मूर्ति में प्रवेश करें | इसके बाद रोली, अक्षत, बतासा ,फूल, मिठाई इत्यादि चढ़ाकर पूजा करें |फिर आरती करें इसके बाद नई मूर्ति को उस स्थान पर स्थापित करें |पुरानी मूर्ति को पूजा के स्थान से हटादें | पुरानी मूर्ति को किसी पीपल वृक्ष के पास ले जाकर रख दें |

Q-कौन-सी मूर्ति शुभ होती है ?

ANS- सोना और चाँदी की मूर्ति शुभ होती है | सोना वृहस्पति का प्रतिनिधित्व करता है और चाँदी चंद्रमा का प्रतिनिधित्व करती है | इन मूर्तियों को घर में रखने से सकरतमकता निवास करती है और नकारात्मक ऊर्जा घर से बाहर होती है |

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