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Christmas Par peom क्रिसमस डे पर शानदार कविता

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Christmas Par peom|marry christmus,happy christmus

Christmas Par peom – हुआ यूं कि यूरोप में गैर ईसाई समुदाय के लोग जब सूर्य  उत्तरायण होते थे, तब एक बड़ा त्यौहार मनाते थे I इसमें प्रमुख था 25 दिसंबर को सूर्य के उत्तरायण होने का त्यौहार l कारण की इसी तारीख से दिन लंबा होने लगता है I तब इस दिन को सूर्य देवता का पुनर्जन्म माना जाता था I

कहा जाता है कि इसी वज़ह से ईसाई समुदाय लोगों ने इस दिन को इशु मसीह के जन्म दिन को 25 दिसंबर को उचित दिन त्यौहार के रूप में मनाने के लिए चुना I तभी से 25 दिसंबर को ईशू मसीह का जन्म दिन मनाना जाने लगा I

क्रिसमस से  पहले ईस्टर ईसाई समुदाय का प्रमुख त्योहार था I आज इस त्यौहार को सारी दुनिया बहुत धूम धाम से मनाती है I आइए मैंने अपने शब्दों को एक कविता का रूप दिया है जो निम्न वत  है I उम्मीद है आप सभी को पसंद आएगी l आप सभी का प्यार और आशीर्वाद अपेक्षित है I

                 कविता

चलो करें मिलकर , तैयारी   आओ यारों,
हैप्पी क्रिसमस हैप्पी क्रिसमस, मिलकर गाओ यारों

chalo karen milkar taiyari, aao yaron,

Happy Christmas Happy Christmas  milkar gao yaron.

ललचाये सूरज ,शरमाये चांद
काश हम भी  होते, करते मज़े साथ।

lachaye  suraj , samaye  chand ,

kash ham bhi hote ,karte maze sath.

देखो कैसे सजी हैं , दुल्हन सी वसुंधरा,
इठलाती बलखाती ,मस्त हैं  वसुंधरा।

dekho kaise saji hai, dulahan si vasundhara,

ithalati balkhati,mast hain vasundhara.

क्रिसमस ट्री घर घर का, बना सिर मौर,

हर्षोल्लास,  छाया है   चहूं ओर।

Christmas tree ghar ghar ka,bana sir maur,

Harshoullas ,chhaya hai chahun aor.

marry christmus

इशु के सरगम में, सूर साज  बाजे,
सुरमई शाम में ,गिरिजाघर  साजे ।

Ishu ke sargam mein, sur saaj baaje,

surmai sham mein girijaghar saaje.

झूम झूम बच्चों की ,टोली  ये गाये,
केक चौकलेट संता, लेके पलभर में आये

jhum jhum bachchon ki, toli ye gaye,

kake, chauklet, santa leke, palbhar mein aaye.

गिफ्ट देगा संता, ढेरों  देगा प्यार ।
देखो देखो संता आया ,लेके  उपहार।

 

gift dega santa, dheron dega pyar,

dekho dekho santa aaya leke uphar.

‌धन्यवाद पाठकों
रचना–कृष्णावती कुमारी

यह भी पढ़ें :

1.नव वर्ष पर कविता 

2.Peom on new year

3.Story of Santa Claus

4.history of new year

5.bete ke janmdin par kavita

6.poem on daughters birthday

FAQ:

Qक्रिसमस की शुरुआत कहां से हुई?

ANS-क्रिसमस का उत्सव रोम में लगभग 336 में शुरू हुआ, लेकिन 9वीं शताब्दी तक यह एक प्रमुख ईसाई त्योहार नहीं बन पाया

Q-क्रिसमस का इतिहास क्या है ?

ANS-सेक्सटस जूलियस अफ्रीकानस ने 221 ई. में सर्व प्रथम 25 दिसंबर को जीसस के जन्मदिवस को क्रिसमस के रूप में मनाया था. इस दिन को क्रिसमस-डे कहने का एक कारण ये भी था कि रोमन लोग विंटर सोल्सटाइस के दौरान 25 दिसंबर को सूर्य के जन्म के रूप में मनाते थे. एक राय ये भी है कि मैरी ने दुनिया के निर्माण की चौथी तारीख (25 मार्च) को गर्भधारण किया था

क्रिसमस को बड़ा दिन क्यों कहते हैं?

ANS- क्रिसमस को बड़ा दिन इसलिए कहा जाता है कि इस दिन लोग एक दूसरे को काफी उपहार देते थे। एक दूसरे के साथ खुशियां बांटते थे। इसलिए धीरे-धीरे ये उत्सव काफी बड़ा हो गया और इसकी भव्यता को देखते हुए इस दिन को लोग 'बड़ा दिन' कहने लगे, तभी से इसे क्रिसमस या बड़ा दिन कहा जाता है

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