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History of new year. नववर्ष का इतिहास।

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History of new year.नववर्ष का इतिहास। 

यूं तो कोई भी नई वस्तु हो या वक़्त,  जब भी जीवन में नयापन आता है, तो, वह पल हर्षित करता है I वैसे ही नव वर्ष हमारे जीवन में अतीत से कुछ सीखने, वर्तमान में क्रियाशील रहने को, और भविष्य के लिए एक उम्मीद जगाता है I
आज नव वर्ष संपूर्ण विश्व में एक उत्सव के रुप में मनाया जाने लगा है I क्या आप जानते हैं, कि नव वर्ष की शुरुआत कहाँ और कबसे हुई ? आइए इसे निम्नवत विस्तार से  जानते हैं—
नूतन वर्ष  मनाने का चलन 4000 वर्ष पहले से बेबीलोन में हर्षोल्लास के साथ 21 मार्च को मनाया जाता था I इस तिथि को वसंत को आने की तिथि मानी जाती थी I प्राचीन में रोम में भी इसी तिथि को नव वर्ष मनाया जाता था I
जब रोम के तानशाह जूलियस सीज़र ने ईशा पूर्व 45 वें वर्ष में जूलियन कैलेंडर की स्थापना की I उसी समय पूरे विश्व में 1 जनवरी को नव वर्ष (new year) मनाया गया था I ऐसा करने के लिए तानाशाह जूलियस सीजर को पिछला वर्ष यानि ईशा पूर्व 46 वें ईस्वी को 445 दिनों का करना पड़ा था I

इतिहास-

यह त्योहार यानि 1 जनवरी सबसे प्राचीनतम त्योहारों में से एक है जो सभी,  बच्चे, जवान  बुढ़े हर्षोल्लास के साथ अपने अपने आयु वर्ग में मानते हैं I हालांकि समय समय पर मनाने के तौर तरीकों में बदलाव आता रहा है I
ग्रेगोरियन कैलंडर के अनुसार य़ह क्रिसमस को एक दिन तय करने के लिए 15 अक्टूबर 1582 को अमेरीका में एलाॅसीस लिलियस द्वारा शुरू किया गया I इस कैलेंडर के हिसाब से जनवरी साल का प्रथम माह है I
क्रिसमस के गुजरने के बाद ही साल का अंत होता है I साथियों जिस नए साल को यानि 1 जनवरी के दिन नए साल नववर्ष के रूप में मनाते है I वह दरअसल ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार है I
इससे पहले जूलियन कैलेंडर प्रचलन में था I जूलियन कैलेंडर के अनुसार साल में 10 महीने ही होते थे I इसके अनुसार क्रिसमस कभी भी एक निश्चित तिथि पर नहीं पड़ता था I

कैलंडर–

आप सभी को ज्ञात हो,  कि, कैलेंडर सूर्य चक्र या चंद्र चक्र पर ही आधारित होता है I जो कैलेंडर सूर्य चक्र पर आधारित होता है उस कैलेंडर के अनुसार साल में 365 दिन होते है I
जबकि वहीं जो कैलेंडर चंद्रमा चक्र पर आधारित है उसके अनुसार 354 दिन होते हैं I साथियो आप सभी को ज्ञात हो कि ग्रेगोरियन कैलेंडर ही सम्पूर्ण जगत में प्रचलित है I यानि सारी दुनिया मे ग्रेगोरियन कैलेंडर ही चलता है I
इस कैलेंडर में सभी महीने समान नहीं होते है जैसे- कोई महीना 30 दिन का, कोई महीना 31 दिन का,  तो कोई महीना 28 और 29 दिन का भी I इस तरह जैसे फरवरी महीना में काफी अन्तर है I
फरवरी माह में प्रत्येक चार वर्ष पर  लिप ईयर आता है I जिसमें फरवरी महीना में 28 दिन के स्थान पर  29 दिन का होता है I इस तरह से पूरे साल का सामंजस्य इस कैलेण्डर के द्वारा किया गया है I
साथियो माह की चर्चा करते हुए मुझे अपने इंग्लिश टीचर  शर्मा जी की याद आ रही है l कक्षा 7th की बात है हम सभी विद्यार्थियों को उन्होंने पूरे महीने को तुकबंदी में स्मरण करवाया था। जो निम्नवत है।

“अप्रैल नवम्बर जून सितम्बर, इसकी गणना तीस (30)।

शेष फरवरी छोड़कर ,बाकी सब एकतीस(31)।”

 

इस तरह हम सभी विद्यार्थियों को मास्टर जी ने स्मरण करवाया जो आज भी याद है l अब कुछ पंक्तियां नव वर्ष की खुशी में जो आप सभी को रोमांचित कर देगीl तो लीजिए आनंद-

 

क्रिसमस संघ भईल बिदाई , दिसंबर के भैया I
नया साल के स्वागत होई  नाचत  ताता थैया ।।

 

कही डी जे पर लईका थिरके,  कहीं  डी जे पर लईकी।
कहीं डीजे  पर बुढ़वा थिरके , देखके बुढ़िया भड़की।

 

बोले बुढ़वा  मत खिसिया  तू, आव  झूम के नाच।

कुछ ही पल बचल बा बाकी, फिर बैठ रामायण बाचl
Happy new year 
साथियों लिखने में काफी खोजबीन करनी पड़ती है I तब जाकर उचित जानकारी के साथ एक पोस्ट तैयार होता हैI इसी लिए आप सभी के प्यार और स्नेह का हकदार निश्चित हूं I आप सभी से अनुरोध है,कि कृपया ज्यादे से ज्यादे शेयर करें I
नोट- सभी जानकारियां इन्टरनेट पत्रिका और उल्लेखित कई पेपर से संग्रह की गई है I
धन्यवाद साथियों ,
संसंग्रहित- कृष्णावती कुमारी
अधिक पढ़ने के लिए नीचे क्लिक करें:Read more :https://krishnaofficial.co.in/

 

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