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महाकाल कविता

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महाकालविता

महाकाल कविता – आज मैं एक छोटी सी कोशिश कर रही हूँ |बड़े बड़े रचनाकारों और बड़े बड़े विद्वानों के सामने मेरी क्या मजाल कि मैं उनकी बराबरी कर सकूँ |परंतु उनकी रचनाओं को पढ़ने से प्रेरणा मिलती है जो आज मैं प्रयास कर रही हूँ |उम्मीद है मेरी रचना आप सभी को पसंद आएगी |आप सभी का प्यार अपेक्षित है 

कविता


कड़ी जतन कर हे भोले
हर बार मिलती  हूं।
हर जनम में  मिलकर
हे भोले हर बार बिछड़ती हूं।

भले ही आप  मृत्युंजय हैं

           परन्तु मैं हर बार मरती हूं।

                 इस जीवन चक्र में फंसकर

                 मैं हर बार तपती हूं।


तेरे प्रेम  की  मैं दिवानी

हो गई बावरी  हूं।
हे शिवशंकर मत भूलो कि
मैं आदि शक्ति   हूं।


                       आप हो श्रृंगार रस उस पंक्ति  का

                       तो मैं भी तेरा स्थाई भाव हूं।
                      भले ही तुम  त्रिलोकी  हो
                      मैं भी अन्नपूर्णा  पार्वती हूं।


मैं तेरी हूं तू मेरा  है

जगजाहीर है हे मतवाले
तेरे रग रग की मैं स्वामिनी हूं
तुम दुनिया के हो रखवाले।

 

          नमस्कार, साथियों मैं Krishnawati Kumari इस ब्लॉग की krishnaofficial.co.in की Founder & Writer हूं I मुझे नई चीजों को सीखना  अच्छा लगता है और जितना आता है आप सभी तक पहुंचाना अच्छा लगता है I आप सभी इसी तरह अपना प्यार और सहयोग बनाएं रखें I मैं इसी तरह की आपको रोचक और नई जानकारियां पहुंचाते रहूंगी। सदैव हिन्दी के सरल शब्दों का प्रयोग करती रहूंगी ताकि जन जन की भाषा हिन्दी से आप सभी लाभान्वित हों।



 In Hinglish
           
           Mahakal 2020

                     KAVITA


kadi jatan Kar he bhole,

Har bar milti hoon.
Har Janam men milakar,
He bhole, har bar bichhadati hoon.

          Bhale hi aap mritunjay hain

          Parantu main har bar Marati   hun
          Is jivan chakr men fanskar 
          Main har bar tapati hoon

Tere prem ki, main diwani

Ho gai bavari hoon .
He Shivshankar, mat bhulo ki
Main bhi, aadi Shakti hoon.

           Aap ho shringar ras, us pankti ka

           To main bhi Tera, sthai bhav hoon
           Bhale hi tum, triloki ho
           Main bhi annpurna, Parvati Hun.

Main teri Hun, tu mera hai

Jagjahir hai, he matwale 
Tere rag rag ki main, swamini hoon
Tu duniyan ke, ho rakhawale.

               Rachna–Krishnawati kumari

 Read more:https://krishnaofficial.co.in/           

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