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Top 5 Bhojpuri Beti Vivah Geet Lyrics

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Top 5 Bhojpuri Beti Vivah Geet Lyrics| टॉप 5 भोजपुरी विवाह गीत लीरिक्स

Top 5 Bhojpuri Beti Vivah Geet Lyrics-यदि आप भोजपुरी में बेटी विवाह गीत के लीरिक्स ढूंढ रहेह है, तो बिलकुल सही जगह आए हैं |इस पोस्ट में आपको पाँच ऐसे बेटी विवाह गीत मिलेंगे जिसे आप पढ़कर भावुक हो उठेंगे |बेटियाँ सचमुच पराई धन होती हैं |पहले के जमाने में शादी के बाद बेटियाँ अपने माँ बाप से अलग होती थी|

परंतु आज शिक्षा प्राप्त करने हेतु माँ-बाप से शादी से पहले हीं दूर हो जा रही हैं |लेकिन, दोनों में फर्क है |शिक्षा प्राप्ति हेतु में किसी का बंधन नहीं है |परंतु एक बार बेटी जब विवाह के बाद ससुराल चली जाती है,तो यह सत्य है कि वह पराई हो जाती है |

माँ बाप शादी से पहले वो सभी संस्कार देते हैं जिससे ससुराल पक्ष खुश रहे |कभी माइके में उलाहना न आए |आइए आईए विवाह गीत में उन सभी संस्कारों का वर्णन क्रमानुसार सभी गीतों की पंक्तियों को में किया गया है,अवगत हुआ जाय ……

1.बेटी विवाह गीत – चुटकी सेंदूरवा महँग भाईले बाबा

मुखड़ा

चुटकी सेंदूरवा महँग भाईले बाबा,

चुंदरी भइल अनमोल हे |

चुटकी सेंदूरवा महँग भाईले बाबा ,

चुंदरी भइल अनमोल हे |

अंतरा

*अम्मा के रोवले गंगा बढ़ीअइली,

बाबा के रोवले यमुना फफइली|

भैया के रोवले घुटन भरे पनियाँ,

भौजी के अँखियो ना लोर हे |

येही सेनूरवा के कारण ये बाबा ,

छूती गईले आम्मा के गोद हे |

 

*बाबा जे दिहले अन धन सोनवा

अम्मा जे लहर पटोर हे |

भैया जे दिहले हो हंसराज घोड़वा ,

भौजी देली खोइछा भर्ल धान हे |

 

*बाबा के दिहाल धन छह मास खाइब,

अम्मा के दिहाल साड़ी शोभा बढ़इहे|

भैया के घोड़वा हो नगर घूमीहें,

सुगंध बढ़इहें खोइछा धान हें |

येही सेंदूरवा के कारण हो बाबा ,

छूटी जइहे अम्मा के गोद हे|

 

*अम्मा कहेली बेटी नीत उठी आइह ,

बाबा कहेले छौ मास हे |

भैया कहेले बहिनी काज पारोजन ,

भाभी कहेली कौन काम हे |

 

* किया हम ये भाउजी छेकनी रसोइया,

किया हम छेकनी दुवार |

किया हम ये भउजी नून तेल छेकनी,

काहें करेलु मोहें त्याग हें |

 

नहीं मोरा ये ननद छेकलु रसोइया,

नाही मोरा छेकलु द्वार हे |

डोलिया के पीछे-पीछे भैया जे जईहे,

बेटी है घर के शृंगार हे|

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2.बेटी विवाह गीत – मालिनी जे सुतेली ऊंची अटरिया 

 

मुखड़ा

मालिनी जे सुतेली ऊंची अटरिया,

मालिया सुतेला फुलवार हे |

जागु-जागु अहे मलिन मलिया जगवेला,

उठ मलिन हो गईले विहान जी |

 

अँखियाँ उघारी जब देखेली मलिनिया ,

दुवारा श्री राम चंद्र खाड़ हे|

किया हम आहे प्रभुजी करी दर्शनावा,

किया हम देखिले सपनवा |

अंतरा –

*बाबा घरे आहे मलिन आज सगुनवा,

अइसन मौरी रची देहु हे |

चारु ओर रचिहा माँलिन हीरा मनी मोतिया,

बिचवा में सिया सुकुमारी जी |

 

*राह में रीझे मलिनिया बाट बटोहिया,

पनिघट पर रीझे पनिहारी जी |

मड़वा में रीझे मलिन साली सरहजिया,

कोहबर में सिया सुकुमारी जी | 

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3.बेटी के भोजपुरी विवाह गीत- ओरी तरे ओरी रे तरे 

मुखड़ा-

ओरी तरे ओरी रे तरे बैठे बर हो नेतिया,

काढ़ ना जनक हो बाबा अपनी हो पुतरिया |

ई मति जनीह हो समधी काठ के हो पुतरिया,

हमरो सीता हो बेटी आँखी के हो पुतरिया|

अंतरा-

*दिनवा हरेलु हो बेटी भूखीया हो पियसिया,

रतिया हरेलु हो बेटी अँखिया के हो निदिया |

पुतरी काढ़त रे लोगवा गिरेला मुरु रे छईया,

का होई खीयवनी ये समधी काई ये पियवनी|

कहवा जे रखनी ये समधी अइसन सुंदर हो धीयवा,

खोया खीयवनी ये समधी दुधवा जे पियवनी |

धनी के अचरवा ये समधी रखनी सुंदर हो धीयवा |

 

*चिरई से पहिले हो बेटी जागीह भोर भिनुसारवा,

कुतवा सरीखे हो बेटी सूतिह आँखी हो निदिया |

सास ससुर के हो बेटी मनीह माई हो बापवा ,

ननद देवर संघे बेटी बनिके छोटकी बहिनिया |

बोलिया त बोलिह हो बेटी जैसे मीठ मिसीरिया ,

कबहुँ ना बोलिहा हो बेटी ज़हर जैसे हो बोलिया |

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4.बेटी विवाह गीत भोजपुरी – बाबा जे चलेले वर खोजे हो 

मुखड़ा-

बाबा जे चलेले वर खोजे हो सीता केवड़िया ढाईले खाड़ हे |

हमारा के ये बाबा अस बर खोजब जाही घरे बाड़े श्रीराम हे |

अंतरा-

*पुरुब खोजनि बेटी पछीम खोजनि

खोजी आईनी ओड़ीशा जगरनाथ जी |

चारों भुवन बेटी वर खोजे गइनी,

कतहु ना मिले श्री राम जी |

 

*जाहु-जाहु बाबा हो अवध नगरिया,

राजा दशरथ जी के द्वार जी |

राजा दशरथ जी के चारु ललनवा ,

चारु भाई अबले कुँवार जी |

 

*चारु भाई में बाबा एक भाई सावर,

उहे हउवें कंत हमार जी |

हाथे धनुष धरे तुलसी के माला ,

हृदय में शिवजी के ध्यान जी |

बाबा जे चलेले बर ……….

सीता केवाड़िया ……….

 

*हरे-हरे बसवा कटइह हो बाबा,

ऊंचे-ऊंचे मड़वा छावई हे |

बेटी के मड़वा साजन लोग बैठे ,

बाबा के ऊंचे खंदान हे |

 

*गइया भइसिया जनी दिह हो बाबा, 

गइया हई घर के शृंगार हे |

होत पराते बेटी दूर चली जइहें,

गइया हई घर के आहार हे |

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स्वागत गीत 

5.भोजपुरी बेटी कन्यादान गीत

 

मुखड़ा-

कवन गरहनवा बाबा सांझ ही लगेला,

कवन गरहनवा भिनुसार |

कवन गरहनवा बाबा मड़वा में लगेला,

कब दल उग्रह होय |

धिया लिहले कांपेले बाबा हो कवन बाबा 

कब दल उग्रह होय |

 

चंद्र गरहनवा बाबा सांझ ही लगेला 

सूर्य गरहनवा भिनुसार |

धिया गरहनवा बाबा मड़वा में लगेला ,

तब दल उग्रह होय |

 

कथी बिना ये बाबा जगिया न शोभेला

       कथी बिना हुमावों न होस 

       कथी बिना ये बाबा मड़वा न शोभेला

        कथी बिना धर्म  न होश 

   

       पुत्र बिना ये बाबा जगियों ना शोभेला

        धूप बिना हुमावों ना होस

       साजन बिना ये बाबा मड़वा न शोभेला

    धिया (बेटी )बिना धर्म ना होस

 

भोजपुरी बेटी विवाह गीत लिरिक्स- बाबा ना देखूँ बाग बगाईचा

मुखड़ा –

बाबा ना देखू बाग बगईचा,
बाबा ना देखू बाग बगईचा,
बाबा ना देखू घनी बसवाडी,
कहाँ हो दल उतरी,
बाबा ना देखू घनी बसवाडी,
कहाँ हो दल उतरी ।

बेटी ला देबो बाग बगईचा,
बेटी ला देबो बाग बगईचा,
बेटी ला देबो घनी बसवाडी, 
मडऊवा दल उतरी,
बेटी ला देबो घनी बसवाड, 
मडऊवा दल उतरी।

बेटी किया तोहरो आजन बाजन थोर भईले, 
बेटी किया तोहरो आजन बाजन थोर भईले,
बेटी किया तोहरो मनवा धूमील, 
काहे रे मनका बेधील, 
बेटी किया तोहरो मनवा धूमील 
काहे रे मनका बेधील।

बाबा सब कहल रउरा कईनी,
बाबा एक कहल रउरा चूकईनी,
बाबा हम गोरे बर सावर, 
एही रे मन धूमील,
बाबा हम गोरे बर सावर, 
एही रे मन धूमील।

बेटी बरवा के अम्मा बडी फूहरी, 
बेटी बरवा के अम्मा बडी फूहरी, 
बेटी करूवन तेलवा लगवली 
त घमवा सूतवली,
बेटी करूवन तेलवा लगवली 
त घमवा सूतवली।

बेटी तोहरी अम्मा बडी गिरथीन,
बेटी तोहरी अम्मा बडी गिरथीन 
बेटी जानसन तेलवा लगवली 
त छहवा सूतवली,
बेटी जानसन तेलवा लगवली 
त छहवा सूतवली।

भोजपुरी बेटी विवाह गीत

मुखड़ा –

काथी के डलीयवा बेटी,
काथी के अकूशिया,
अरे कवना भेसे फूलवा, 
लोढे जाइब रे ललना,
अरे कवना भेसे फूलवा, 
लोढे जाइब रे ललना। 

सोने के डलीयवा बेटी,
रूपवे के अकूशिया, 
अरे मालीन भेसे फूलवा, 
लोढे जाइब रे ललना,
अरे मालीन भेसे फूलवा 
लोढे जाइब रे ललना। । 

घोडवा चढल अइले,
दूल्हा कवन दूल्हा,
अरे दामन गाछ तर,
लुकाई गईले रे ललनवा,
अरे दामन गाछ तर,
लुकाई गईले रे ललनवा।

का तुहू सुहवा हो दामन,
गाछ तर लुकाईलू,
अरे तू त हऊ कवन, 
सरवा के बहिनी रे ललनवा,
अरे तू त हऊ कवन,
सरवा के बहिनी रे ललनवा। 

कईसे में चिन्हनी प्रभूजी,
कवन सरवा के बहिनी,
अरे कईसे में चिन्हनी,
कुल परिवार ए ललनवा,
अरे कईसे में चिन्हनी,
कुल परिवार ए ललनवा। 

तिलक चढावत चिन्हनी,
कवन सरवा के बहिनी,
अरे सभवा बैठल,
कुल परिवार ए ललनवा,
अरे सभवा बैठल,
कुल परिवार ए ललनवा। 

भोजपुरी विवाह गीत

बनवा में रोवेले बन के कोयलीया हो, 
बनवा में रोवेले बन के कोयलीया हो, 
जलवा में रोवेले मछरी ए रामा,
जलवा में रोवेले मछरी ए रामा।   

धिया लेके रोवेले बाबा हो कवन बाबा, 
धिया लेके रोवेले बाबा हो कवन बाबा, 
कइसे में करबो हम दान ए रामा,
कइसे में करबो हम दान ए रामा।

जइसे कि बाबा हो तिलक चढवनी हो,
जइसे कि बाबा हो तिलक चढवनी हो,
वैसे में करब दान तू ए बाबा,
वैसे में करब दान तू ए बाबा।

तिलक चढावत कुछ ना बुझाइल हो,
तिलक चढावत कुछ ना बुझाइल हो,
धिया दान हमसे ना होत ए रामा, 
फाटका करेजवा हमार ए रामा। 

बनवा में रोवे बन के कोयलीया हो, 
बनवा में रोवे बन के कोयलीया हो, 
जलवा में रोवे मछरी ए रामा,
जलवा में रोवे मछरी ए रामा।

बेटी विवाह गीत

मुखड़ा-

लाल बेनीया,पियर बेनीया,
रतन जड़ावल बेनीया।
लाल बेनीया,पियर बेनीया,
रतन जड़ावल बेनीया।

अरे माई करवट लेत बेनीया टुटी गईले,
सासु बनवास दिहलीप।
अरे माई करवट लेत बेनीया टुटी गईले,
सासु बनवास दिहली।

केकरा अगवा नउवा भेजबो, 
केकरा अगवा बरिया भेजबो, 
अरे माई केकरा के बरहो बियोग भेजबो, 
सासु बनवास दिहली।
अरे माई केकरा के बरहो बियोग भेजबो, 
सासु बनवास दिहली।

बाबा अगवा नउवा भेजबो, 
भैया अगवा बरिया भेजबो, 
अरे माई अम्मा के बरहो बियोग भेजबो, 
सासु बनवास दिहली।
अरे माई अम्मा के बरहो बियोग भेजबो, 
सासु बनवास दिहली।

काथी चढल पापा अईले, 
काथी चढल भैया अईले,
अरे माई अरे माई काथी चढल मोरी अम्मा अईली,
सासु बनवास दिहली।
अरे माई अरे माई काथी चढल मोरी अम्मा अईली,
सासु बनवास दिहली।

हथिया चढल पापा अईले, 
घोडवा चढल भैया अईले,
अरे माई डोलीया चढल मोरी अम्मा अईली,
सासु बनवास दिहली।
अरे माई डोलीया चढल मोरी अम्मा अईली,
सासु बनवास दिहली।

लाल बेनीया हम देबो,
पियर बेनीया हम देबो,
अरे माई रतन जड़ावल बेनीया हम देबो,
बेटी के बसेरा देहू। 
अरे माई रतन जड़ावल बेनीया हम देबो,
बेटी के बसेरा देहू। 

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नोट- इन सभी भोजपुरी विवाह गीतों में सिर्फ बेटी को संस्कार और ससुराल में सभी छोटे बड़ों को मान समान देने की बात कहीं गई है|आज इस आधुनिक युग में सभी माँ बाप पढ़े लिखे है |पहले भी और आज भी अपनी बेटियों को लेकर सभी चिंतित रहते हैं पता नहीं कैसा परिवार मिलेगा |

मेरी बेटी को वो सारा प्यार मिलेगा की नहीं, जो मैंने दिया है |लेकिन दुर्भाग्य है, कि आज भी बेटियाँ जलायी जा रही हैं |ख़ुदकुशी कर रही हैं |ये कैसी विडम्बना है, जिस समाज में  बेटा स्वतंत्र है,वहीं बेटी, अपने पैर पर खड़ा होते हुवे भी स्वतंत्र महसूस नहीं करती है

सभी अभिभावकों से अनुरोध है कि अच्छा वर घर बाद में ,पहली प्राथमिकता यह है कि आप अपनी बेटी को सबल बनाएँ |उसे अच्छी शिक्षा दें |उसे किसी के ऊपर आश्रित नहीं बनाएँ |उसे अपने पैर पर खड़ा होने दें |विवाह में जल्दीबाजी नहीं करें |लालची परिवार से कभी संबंध नहीं जोड़े |अच्छी तरह जांच पड़ताल करके शादी विवाह करें |

जीवन अनमोल है| आज के युग में बेटियों का जीवन कुछ दरिंदों ने नरक के समान बनाकर रखा है जो क्षमा योग्य नहीं है| |इसीलिए मैं नई पीढ़ी से अनुरोध करती हूँ कि सोच को बदलने में आप सभी  आगे आए और इस पुण्य के कार्य को सफल बनाए |आप सभी की भागीदारी के बिना यह कार्य असंभव है |

धन्यवाद ,

 

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